क्रिपालु जी का कलयुग में महत्व ।
क्रिपालु जी का कलयुग में महत्व केवल ईस बात से लगया जा सकता है कि यदि कोई जीवन भर वेदाध्यन करे तो भी वह् उस ज्यान को नही प्राप्त कर सकता जिसे क्रिपालु जी दो क्षण में व्यक्त् कर देते है। यदि कोई नीच से नीच क्रत का भी आरोप भी क्रिपालु जी पर् लगावे तो भी वे हम सभ से बहुत उच्च स्थान पर हैं। कलयुग में केवल दुर चरित्र् के आरोप् ही सन्तों को पतन का भय कराते है। ईस लिये कलयुग में सन्तों को दुर चरित्र् के आरोप तो लगेंगे ही.
….. परम लौ
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I feel - “It is Kalyuga” and therefore kriplau Mharaj is flourishing day in and day out. His kinfdom is expanding, even when he is able to get along with all misdeeds.
For people there is a need of enquiry in to his deeds.
मुझे नही पता कि ईस बात में कितनी सच्चाई है। पर मैं येह् जानता हुँ, कि क्रिपालु जी महाराज उस ज्यान के धारक हैं जिसे प्राप्त करने के पहिले जीवात्मा को प्रभु प्रेम का पात्र होना होता है। कलोयुग में काम-वासन के वषिभूत हो कर भोगविलास तो सभी मनुष्य कर शे है। ओर यही आत्मिकपतन का कारण भी है।