जय बोलो श्रीनाथ की !!
मन ने प्रभु की स्तुति की और वह कविता का रूप ले कर अक्षरों में गड़ गई| यदि आप लोगों में कोई माँ सरस्वती की कृपा से गायक हो तो आप इस सतुति को सुरों से आलंकृत कर सकते हैं| continue reading »
July 13 2008 | अनमोल वचन and आस्था and कविताऍं and मेरी अपनी | No Comments »
भक्तवत्सल भगवान की जय। । जयश्रीहरिविष्णु ।
ऐसा कभी हुआ है कि भक्त कोई प्रयास करे और श्रीनाथजी उस भक्त को सफ़ल ना करें। मैने प्रयास किया कि अपने आद्धियात्मिक अनुभवों का आन्नद माताश्री को भी करवाऊं और continue reading »
July 09 2008 | अनमोल वचन and आस्था and कविताऍं and जीवन and भारत and मेरी अपनी | No Comments »
ब्राहमण कन्या और शुद्र पुरुष का विवाह अधर्म हैब्राह्मण हैं श्री हरि विष्णु के मुख-मंडल जिस में बुद्धि स्थापित है और शुद्र है श्री हरि विष्णु के पाँव | दोनों का अपना continue reading »
July 06 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and भारत and समाचार and समाज | No Comments »
संवेदना धारण करलो! जी हां संवेदना बहुत आवश्यक है, पर कैसी संवेदना धारण करने के लिए बोल रहा हूं? बस ईसका उत्तर डूढ रहा हूं| अपने आध्यात्मिक अनुभवों को वेब पर प्रकाशित कर रहा हूं और यह मान कर चल रहा था कि continue reading »
June 22 2008 | आस्था and जीवन and मेरी अपनी and समाज | 1 Comment »
ऐलियन ! प्राग्रही ! दूसरे ग्रह का प्राणी?
जिस दिन भारतीय लोग ऐलियनस के अस्तित्व को स्बिकार लेंगे उस दिन से उनका दुर्भाग्य शुरु हो जाएगा | ईस लिए मेरे प्यारे भारतीयो कभी भी किसी भी तर्क/न्युज या विडीयो continue reading »
June 01 2008 | अनमोल वचन and जीवन and धरती and भारत and समाज | No Comments »
ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है| श्री नाथ जी ने कहा continue reading »
May 26 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and समाचार and समाज | No Comments »

भगवान से प्यार करना आसान है,
पर भगवान के प्यार को सहन करना आसान नही। continue reading »
May 21 2008 | आस्था and कविताऍं and जीवन and मेरी अपनी | No Comments »
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