बसंत पंचमी पर पंचतत्व में विलीन हुए महर्षि महेश योगी
Feb 12, 02:10 am
इलाहाबाद। विश्व भर में वेद व वैदिक परंपराओं में छिपी वैज्ञानिकता का परचम लहराने वाले विश्व गुरु महर्षि महेश योगी सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गये। पांच फरवरी को फ्लोड्राप नीदरलैंड में अंतिम सांस लेने वाले महर्षि का बसंत पंचम के दिन
अभिजित मुहूर्त में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। महर्षि के भतीजे ब्रह्मचारी डा गिरीश चन्द्र वर्मा ने मुखाग्नि दी। महर्षि को अंतिम विदाई देने के लिए अरैल स्थित महर्षि वेद विज्ञान केन्द्र में देश विदेश से हजारों भक्त जुटे। पूरा क्षेत्र जय गुरुदेव व महर्षि महेश योगी अमर रहे के नारों से गुंजायमान रहा व हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा होती रही।
91 वर्षीय महर्षि महेश योगी का पांच फरवरी को शाम 7 बजे फ्लोड्राप नीदरलैंड में निधन हुआ था। 9 फरवरी को उनके पार्थिव शरीर को इलाहाबाद लेकर आया गया था। इसे अरैल स्थित आश्रम में रखा गया था। सोमवार सुबह से महर्षि को अंतिम विदायी देने के लिए आश्रम में भारी भीड़ जुटे|
February 11 2008 11:41 pm | समाचार



