मां को याद है भगत सिंघ का शहीदी दिवस
मां को याद है भगत सिंघ का शहीदी दिवस
आज सुबह मैं स्थानीय केबल टीवी पर फ़िल्मी गाने देख रहा था। सुभाष घई की कर्मा फ़िल्म के गाने आ रहे थे। गाना चल रहा था “दिल दिया है जां भी देगें ऐ वतन तेरे लिए, हर करम अपना करेंगें ऐ वतन तेरे लिए…“। 
भगत सिंघमां फ़्रीज़ से कुछ निकालने आई और टीवी पर चलते हुए गाने को देख बोली, “क्या आज 23 मार्च है ,भगत सिंघ का शहीदी दिवस?”
फ़िर वो रसोई में चली गई। मां की इस बात से मुझे एहसास हुआ की भारत की मांऐं कितनी प्रेरक हैं। जहां आज कल व्यवस्थता के चलते हम अपने भारत के महान पुरुषों को याद् भी नही करते वहां भारत की घरेलू स्त्रीयां हमें समर्ण दीलाती हैं
और् प्रेरित करती हैं। …. वंन्दे मातरम!!
March 20 2008 09:57 am | आस्था and जीवन and मेरी अपनी and रसोई and समाज



