मन भर गया है नेट से
हां ! मन भर गया है नेट से| शायद येह डीप्रेसिव मूड का संकेतक हो पर मैं ऊब चुका हूं नेट से| सारा श्रेय हैकरों को और नेट की मर्ग त्रिष्णा को जाता है| पिछले कुछ दिनो मैं तुर्की के हैकरों ने मेरी साईटस हैक करके डाऊन करदी थी| एक बार तो मन मे आया हैकरों को श्रापित कर दूं, और वे नर्क मे मरेंगे| फिर सोचा अधियात्मिक शक्तियां यूंही वेस्ट करने के लिए नही मिलीं| पहिले ही दण्ड का सांसारिक दुर्पायोग कर चुका हूं| ईससे केवल अधियात्मिक स्तर ही घटता है| और फिर पूरे वर्ष की कमिटमेंट तो है ही ईस लिए मार्च २००९ तक तो नेट पे आना पडेगा| या फिर कलाईन्ट्स को ट्रांसफर कर नेट को तिलांजली देदूं | और जो कु्छ लोगों (वे जो यह समझते हैं कि मनुष्य बन्दर का वंशज है और भगवान के अस्तितव को नकारते है) को मेरा बलाग पढ कर मानसिक तनाव हो रहा होगा उन्हे भी चैन की सांस मिलेगी| चलिए देखतें हैं प्रभु की क्या ईच्छा है|….
April 26 2008 11:56 am | आस्था and जीवन and मेरी अपनी




उन्मुक्त on 26 Apr 2008 at 3:13 pm #
अरे हैकरस् से क्या घबराना। कुछ दिन आराम कर फिर शुरू हो जाईये।