ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है
ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है| श्री नाथ जी ने कहा धरती पर पाप निवारण के लिए कई तीर्थ हैं जहां जा कर पश्चयताप करके मानव अपने पापों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं| उसी प्रकार ईन्टेरनेट का तीर्थ ईस ब्लाग पर स्थापित हुआ है| यदि कोई मनुष्य अपने पापों से मुक्ति पाना चह्ता है तो वह “जीवन में कभी कुछ गलत किया हो” जोकि शब्दों में घडा हुआ तीर्थ है को पढ कर भाव रुपी जल से संताप और ग्लानि का प्रित्याग कर ईस तीर्थ का लाभ उठा सकता है|
चलो चलें ईन्टेरनेट के तीर्थ पर और “जीवन में कभी कुछ गलत किया हो” पढ कर क्रितार्थ हों|
May 26 2008 11:40 am | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and समाचार and समाज



