देव वानी » उर्दु शायरी : रवानगी-ए-रुह
!! हरि कृष्णा हरि कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरि हरि हरि राम हरि राम राम राम हरि हरि !!
देव वानी

यदि आपने येह् ब्लाग पढा और आपको ईस ब्लाग में व्याप्त आधियात्मिक शक्ति का
आभास भी हुआ, तो आपने दोस्तों को अवश्य बतलाऐं।
अपने दोस्तों और साथीयों को बताने के लिए     यहां कल्कि करें।
क्योंकि ग्यान को अपने तक सिमित रखना भी एक अपराध है।


DONATE to ShaadiWala Fundraising Campaign

(SAFE AND SECURE CREDIT CARD PAYMENT via PAYPAL.com)
Currency :
amount : Click button --→.

उर्दु शायरी : रवानगी-ए-रुह

रवानगी-ए-रुह

हर कतरा-ऐ-आब में रवानगी है,
ज़र से उठ कर गुलाब होने की,
हर ईनसां पे ईनायत है,
बुलंद-ऐ-ईमान होकर, खुदा हो जाने की।
…………… परम लौ

July 23 2009 09:38 am | अनमोल वचन and आस्था and कविताऍं and जीवन and मेरी अपनी



Trackback URI | Comments RSS

Leave a Reply