Archive for the 'अनमोल वचन' Category
रवानगी-ए-रुह
हर कतरा-ऐ-आब में रवानगी है,
ज़र से उठ कर गुलाब होने की,
हर ईनसां पे ईनायत है,
बुलंद-ऐ-ईमान होकर, खुदा हो जाने की।
…………… परम लौ
July 23 2009 | अनमोल वचन and आस्था and कविताऍं and जीवन and मेरी अपनी | No Comments »
YouTube विडीओ : आर्यों में जातिभेद का रह्स्योद्ध्घाटन श्रीहरि मुख से| सुनो और कृत्ग्य हो जाओ| शुद्र, वैश्य, क्षत्रिय और ब्राह्मण वर्ण कौन है? हिन्दुओं/आर्यों में जातिभेद/वर्णभेद क्या है? Watch this video here continue reading »
April 16 2009 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and भारत and समाज | No Comments »
हे नाथजी ! कृप्या बताऍं कि शुद्र वर्ण कौन है, वैश्य वर्ण कौन है?, क्षत्रिय वर्ण कौन है और ब्राह्मण वर्ण कौन है? आर्यों में जातिभेद क्या है?
तो नाथजी कहिते हैं…… continue reading »
April 13 2009 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and भारत and समाज | No Comments »
शिवरात्री : भगवान और प्रकृति की शादी का पर्व

आज रात को हिंदु, दुनिया भर में शिवरात्री मनाते हैं| शिवरात्री, भगवान की शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है| महादेव शिव शंकर, पृथ्वी के भगवान है| महादेव पृथ्वी के संचालक हैं| हिमालय में कैलाश पर्वत, महाशिव का अपना पसंदीदा वास है| हिंदू (”सनातनी कहना बेहतर है”) इस रात को गृहस्थ समाज की प्रगति के लिए continue reading »
February 23 2009 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and भारत and समाज | No Comments »
गाय हमारी माता है तो बैल..? अल्पविराम, ये सुनो…
भाग - २ (Part 2)
CERN Geneva - World’s Biggest Atom Shmasher Experiment
http://Guardian.co.uk/NEWS/blog/2008/sep/07/1
बहुत दिनो के बाद समय निकाल पाया ईस लेख के लिये| अभी भी कल की “कल्कि” खबर दिमाग में घूम रही है| शायद आपने भी सुनी होगी कि कुछ विग्यानिक फ्रांस और सविटज़र (स्विटज़ृलैंड) के पास के ईलाके जीनीवा में १०० फुट नीचे ज़मीन के अन्दर एक बडा ही संवेदनशील प्रयोग करने जा रहे हैं| कुछ विग्यानी तो ईस प्रयोग को ईतना भयंकर बता रहे है कि 
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September 08 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and भारत and समाचार and समाज | No Comments »
भाग - १ (Part 1)
एक बच्चे का प्रश्न भी है कि गाय हमारी माता है तो बैल हमारा पिता क्यों नही कहा जाता?
जिस पर बडे बडे स्तब्ध रह जाते हैं|
बात यह है कि हमारे घर में ग्रह-निर्माण का कार्य चल रहा था| और continue reading »
August 22 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and भारत and मेरी अपनी and समाज | No Comments »
जय बोलो श्रीनाथ की !!
मन ने प्रभु की स्तुति की और वह कविता का रूप ले कर अक्षरों में गड़ गई| यदि आप लोगों में कोई माँ सरस्वती की कृपा से गायक हो तो आप इस सतुति को सुरों से आलंकृत कर सकते हैं| continue reading »
July 13 2008 | अनमोल वचन and आस्था and कविताऍं and मेरी अपनी | No Comments »
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