ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है
ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है| श्री नाथ जी ने कहा continue reading »
May 26 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and समाचार and समाज | No Comments »
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यदि आपने येह् ब्लाग पढा और आपको ईस ब्लाग में व्याप्त आधियात्मिक शक्ति का |
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May 26 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and समाचार and समाज | No Comments »
भगवान से प्यार करना आसान है,
पर भगवान के प्यार को सहन करना आसान नही। continue reading »
May 21 2008 | आस्था and कविताऍं and जीवन and मेरी अपनी | No Comments »
!! श्री राम !!
श्री राम नाम से मिले सुख,
श्री राम नाम से मिले आराम,
श्री राम नाम से मिले शान्ति,
श्री राम नाम से मिटे संताप|
May 19 2008 | अनमोल वचन and आस्था and कविताऍं and मेरी अपनी | 1 Comment »
हां ! मन भर गया है नेट से| शायद येह डीप्रेसिव मूड का संकेतक हो पर मैं ऊब चुका हूं नेट से| सारा श्रेय हैकरों को और नेट की मर्ग त्रिष्णा को जाता है| पिछले कुछ दिनो मैं तुर्की के हैकरों ने continue reading »
April 26 2008 | आस्था and जीवन and मेरी अपनी | 1 Comment »
कलयुग का अगला चरण
पिछले साल मुझे बहुत ही अधभुत आधियातमिक अनुभुतियां हुई| मैने पहिले पहिले तो अधियात्मिक अनुभुतियों को केवल एक मानसिक अनुभुति मानने का बडा प्रयास किया| परन्तु ईस प्रयास में, मैं असफल रहा | जब जब मैं ईस स्थिति को केवल कलपनिक मात्र मानने का प्रयास करता तब तब उसे प्रमानित कर मेरे सामने ला दिया गया | उन स्थितियों को तो वर्णन continue reading »
April 21 2008 | आस्था and जीवन and धरती and मेरी अपनी | No Comments »
मां को याद है भगत सिंघ का शहीदी दिवस
आज सुबह मैं स्थानीय केबल टीवी पर फ़िल्मी गाने देख रहा था। सुभाष घई की कर्मा फ़िल्म के गाने आ रहे थे। गाना चल रहा था “दिल दिया है जां भी देगें ऐ वतन तेरे लिए, हर करम अपना करेंगें ऐ वतन तेरे लिए… continue reading »
March 20 2008 | आस्था and जीवन and मेरी अपनी and रसोई and समाज | No Comments »
ईन्द्र्लोक, वसन्त मास पश्चिम देशा तिथी १० फरवरी, सन २००८
माराठी मानसों ने जन्मा क्षेत्रीयवादता का राक्षस |देवता भी डर गये हिन्दुऑ में पनपते क्षेत्रीयवादता के राक्षस से | अब देवतागण ईक्त्र होकर सभा करने में जुटे हैं कि जिस प्रकार देव पुत्र निजी स्वार्थो के चलते क्षेत्रीयवादता के राक्षस को जन्म देकर उसका लालन-पालन करने में जुटे है तो वह स्मय आगया है कि देवताऑ को अपने अपने प्राण continue reading »
February 10 2008 | आस्था and जीवन and धरती and मेरी अपनी and समाचार and समाज | 1 Comment »