देव वानी » जीवन
देव वानी

यदि आपने येह् ब्लाग पढा और आपको ईस ब्लाग में व्याप्त आधियात्मिक शक्ति का
आभास भी हुआ, तो आपने दोस्तों को अवश्य बतलाऐं।
अपने दोस्तों और साथीयों को बताने के लिए     यहां कल्कि करें।
क्योंकि ग्यान को अपने तक सिमित रखना भी एक अपराध है।

ParamLowe.com
Param Lowe's Sixth Sense Blog on spirituality and GOD.
ISKCON Shaadi
Matrimonial website for
Shri Krishna devotees and ISKCON members.
ShaadiWala.com
ShaadiWala will find a nice marriage partner for you. Get married NOW !!
LoMoNet.com
Low budget Hosting for small business and personal blogs.
SantiBanti.in
Indian Woman's first dedicated portal. Chat discuss and make friends.
RSS Feed Home Hindi Blog =

Archive for the 'जीवन' Category

ऐलियन ! प्राग्रही ! दूसरे ग्रह का प्राणी?

ऐलियन ! प्राग्रही ! दूसरे ग्रह का प्राणी?

जिस दिन भारतीय लोग ऐलियनस के अस्तित्व को स्बिकार लेंगे उस दिन से उनका दुर्भाग्य शुरु हो जाएगा | ईस लिए मेरे प्यारे भारतीयो कभी भी किसी भी तर्क/न्युज या विडीयो continue reading »

June 01 2008 | अनमोल वचन and जीवन and धरती and भारत and समाज | 1 Comment »

ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है

ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है| श्री नाथ जी ने कहा continue reading »

May 26 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and समाचार and समाज | No Comments »

कैसे पाऊं प्यारे घनश्याम को !!

Shiri Krishna

भगवान से प्यार करना आसान है,
पर भगवान के प्यार को सहन करना आसान नही। continue reading »

May 21 2008 | आस्था and कविताऍं and जीवन and मेरी अपनी | No Comments »

“प्यारा सा लम्हा”


मेरी अपनी कविता “प्यारा सा लम्हा” मेरी पसंन्दिदा कविता भी है। यहॉं मैं ईस कविता का एक भाग ही मुद्रित् (प्रकाशित्) कर रह हूँ। यह् कविता मैने सन 1999 के अक्तुबर मास् में लिखी थी।


यदि आप ईस कविता को कहीं प्रकशित् करना चाहते हैं तो क्रिप्या मुझे सप्रंक करके मेरी स्वीकारीता प्राप्त् करें। यह बौद्धिक संपति के अधिकार् के अन्तरगत् अनिवार्य है।

!! प्यारा सा लम्हा !!
………………………..Oct 8th, 1999

आज दिल की गहराईयों से,
मन की उमंगो तक,
कोई नाम ढूंढ रहा हूँ,
ईक पहिचान ढूंढ रहा हूँ,
ईक प्यारा सा लम्हा बुन रहा हूँ।

………….. continue reading »

May 19 2008 | कविताऍं and जीवन and मेरी अपनी | No Comments »

मैं ब्लागर नही हूँ!

मैं ब्लागर नही हूँ! और ना ही बलागर बनना मेरा उदेष्य है। हलांकि ब्लाग लेखन आपको महान लेखक बना सकता है। पर महान लेखक हो जाना या कहिलाना मेरे लिए पतन है। ईस लिए लेखन जगत का शिखर मेरा उदेश्य नही। (लेखकों के लिए - क्रिप्या continue reading »

May 10 2008 | जीवन and मेरी अपनी and समाज | No Comments »

मन भर गया है नेट से

हां ! मन भर गया है नेट से| शायद येह डीप्रेसिव मूड का संकेतक हो पर मैं ऊब चुका हूं नेट से| सारा श्रेय हैकरों को और नेट की मर्ग त्रिष्णा को जाता है| पिछले कुछ दिनो मैं तुर्की के हैकरों ने continue reading »

April 26 2008 | आस्था and जीवन and मेरी अपनी | 1 Comment »

कलयुग का अगला चरण

कलयुग का अगला चरण

पिछले साल मुझे बहुत ही अधभुत आधियातमिक अनुभुतियां हुई| मैने पहिले पहिले तो अधियात्मिक अनुभुतियों को केवल एक मानसिक अनुभुति मानने का बडा प्रयास किया| परन्तु ईस प्रयास में, मैं असफल रहा | जब जब मैं ईस स्थिति को केवल कलपनिक मात्र मानने का प्रयास करता तब तब उसे प्रमानित कर मेरे सामने ला दिया गया | उन स्थितियों को तो वर्णन continue reading »

April 21 2008 | आस्था and जीवन and धरती and मेरी अपनी | No Comments »

« Prev - Next »