देव वानी » धरती
!! हरि कृष्णा हरि कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरि हरि हरि राम हरि राम राम राम हरि हरि !!
देव वानी

यदि आपने येह् ब्लाग पढा और आपको ईस ब्लाग में व्याप्त आधियात्मिक शक्ति का
आभास भी हुआ, तो आपने दोस्तों को अवश्य बतलाऐं।
अपने दोस्तों और साथीयों को बताने के लिए     यहां कल्कि करें।
क्योंकि ग्यान को अपने तक सिमित रखना भी एक अपराध है।


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Archive for the 'धरती' Category

ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है

ईन्टेरनेट का तीर्थ यहां है| श्री नाथ जी ने कहा continue reading »

May 26 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and समाचार and समाज | No Comments »

कलयुग का अगला चरण

कलयुग का अगला चरण

पिछले साल मुझे बहुत ही अधभुत आधियातमिक अनुभुतियां हुई| मैने पहिले पहिले तो अधियात्मिक अनुभुतियों को केवल एक मानसिक अनुभुति मानने का बडा प्रयास किया| परन्तु ईस प्रयास में, मैं असफल रहा | जब जब मैं ईस स्थिति को केवल कलपनिक मात्र मानने का प्रयास करता तब तब उसे प्रमानित कर मेरे सामने ला दिया गया | उन स्थितियों को तो वर्णन continue reading »

April 21 2008 | आस्था and जीवन and धरती and मेरी अपनी | No Comments »

माराठी मानस ने जन्मा क्षेत्रीयवादता का राक्षस

ईन्द्र्लोक, वसन्त मास पश्चिम देशा तिथी १० फरवरी, सन २००८
माराठी मानसों ने जन्मा क्षेत्रीयवादता का राक्षस |देवता भी डर गये हिन्दुऑ में पनपते क्षेत्रीयवादता के राक्षस से | अब देवतागण ईक्त्र होकर सभा करने में जुटे हैं कि जिस प्रकार देव पुत्र निजी स्वार्थो के चलते क्षेत्रीयवादता के राक्षस को जन्म देकर उसका लालन-पालन करने में जुटे है तो वह स्मय आगया है कि देवताऑ को अपने अपने प्राण continue reading »

February 10 2008 | आस्था and जीवन and धरती and मेरी अपनी and समाचार and समाज | 1 Comment »

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