यदि आपने येह् ब्लाग पढा और आपको ईस ब्लाग में व्याप्त आधियात्मिक शक्ति का आभास भी हुआ, तो आपने दोस्तों को अवश्य बतलाऐं। अपने दोस्तों और साथीयों को बताने के लिए यहां कल्कि करें। क्योंकि ग्यान को अपने तक सिमित रखना भी एक अपराध है।
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चुनाव उपरांत राजनितिक सरगरमीयां जोरों पर है|जो राहुल गांधी चउनाव से पहिले कह रहे थे कि वो प्रधानमंत्री नही बनेगे ….. अब धक्के से उप-प्रधानमंत्री नही तो कैबिनेट मंत्री तो बन ही जाएंगे| हां अगर मनमोहन सिंघ जी के डाक्टर ने आराम करने की सलाह वाला न्युज़ बुलेटिन जारी कर दिया तो प्रधानमंत्री पद भी कहीं नही गया| चलिये देखते है क्या होता है?
भारतीय लोकतंत्र लगता तो बहुत ही सफल और जन-जन को सता का सुत्रधार बनाने वाला| पर असल में कब और किस घडी क्मंप्युटर का जिन उनहें पपू बना कर होशियार होने का तम्गा माथे पर चिपका दे, ये बस देखने की ही बात है| २००९ के आम चुनाव की गनना कितनी भरोसेमंद है ईसका तो पता चिदंबरमं के चुनाव परिणाम से ही लग जाता है| भाजपा वाले तो बेचारे ईतने डर गये कि मोदी कह रहे है कि वे कभी प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदार नही थे| तो भईऍ ये सुनो…… continue reading »
YouTube विडीओ : आर्यों में जातिभेद का रह्स्योद्ध्घाटन श्रीहरि मुख से| सुनो और कृत्ग्य हो जाओ| शुद्र, वैश्य, क्षत्रिय और ब्राह्मण वर्ण कौन है? हिन्दुओं/आर्यों में जातिभेद/वर्णभेद क्या है? Watch this video herecontinue reading »
आज रात को हिंदु, दुनिया भर में शिवरात्री मनाते हैं| शिवरात्री, भगवान की शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है| महादेव शिव शंकर, पृथ्वी के भगवान है| महादेव पृथ्वी के संचालक हैं| हिमालय में कैलाश पर्वत, महाशिव का अपना पसंदीदा वास है| हिंदू (”सनातनी कहना बेहतर है”) इस रात को गृहस्थ समाज की प्रगति के लिए continue reading »
“धरती फट गईल बा और आग और धुआं निकलने लग गईल|” यह खबर थी महुआ टीवी चैनल पर| खबर थी कि पश्चमी बंगाल राज्य में कई देहाती ईलाकों में दहशत का माहोल है| कई जगह धरती में बडी बडी द्रारें पढ गई हैं और उस में से आग और धुआं निकल रहा है| साथ ही पत्रकार ने बताया कि ईसका मूल कारण ईलाके में चल रही अवैद्ध खन्न है| स्थानिय लोग अवैद्ध रुप से कोयला का खन्न कर रहे हैं| कभी कभी तो यह सब, continue reading »
बहुत दिनो के बाद समय निकाल पाया ईस लेख के लिये| अभी भी कल की “कल्कि” खबर दिमाग में घूम रही है| शायद आपने भी सुनी होगी कि कुछ विग्यानिक फ्रांस और सविटज़र (स्विटज़ृलैंड) के पास के ईलाके जीनीवा में १०० फुट नीचे ज़मीन के अन्दर एक बडा ही संवेदनशील प्रयोग करने जा रहे हैं| कुछ विग्यानी तो ईस प्रयोग को ईतना भयंकर बता रहे है कि continue reading »