यदि आपने येह् ब्लाग पढा और आपको ईस ब्लाग में व्याप्त आधियात्मिक शक्ति का आभास भी हुआ, तो आपने दोस्तों को अवश्य बतलाऐं। अपने दोस्तों और साथीयों को बताने के लिए यहां कल्कि करें। क्योंकि ग्यान को अपने तक सिमित रखना भी एक अपराध है।
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चुनाव उपरांत राजनितिक सरगरमीयां जोरों पर है|जो राहुल गांधी चउनाव से पहिले कह रहे थे कि वो प्रधानमंत्री नही बनेगे ….. अब धक्के से उप-प्रधानमंत्री नही तो कैबिनेट मंत्री तो बन ही जाएंगे| हां अगर मनमोहन सिंघ जी के डाक्टर ने आराम करने की सलाह वाला न्युज़ बुलेटिन जारी कर दिया तो प्रधानमंत्री पद भी कहीं नही गया| चलिये देखते है क्या होता है?
भारतीय लोकतंत्र लगता तो बहुत ही सफल और जन-जन को सता का सुत्रधार बनाने वाला| पर असल में कब और किस घडी क्मंप्युटर का जिन उनहें पपू बना कर होशियार होने का तम्गा माथे पर चिपका दे, ये बस देखने की ही बात है| २००९ के आम चुनाव की गनना कितनी भरोसेमंद है ईसका तो पता चिदंबरमं के चुनाव परिणाम से ही लग जाता है| भाजपा वाले तो बेचारे ईतने डर गये कि मोदी कह रहे है कि वे कभी प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदार नही थे| तो भईऍ ये सुनो…… continue reading »
“धरती फट गईल बा और आग और धुआं निकलने लग गईल|” यह खबर थी महुआ टीवी चैनल पर| खबर थी कि पश्चमी बंगाल राज्य में कई देहाती ईलाकों में दहशत का माहोल है| कई जगह धरती में बडी बडी द्रारें पढ गई हैं और उस में से आग और धुआं निकल रहा है| साथ ही पत्रकार ने बताया कि ईसका मूल कारण ईलाके में चल रही अवैद्ध खन्न है| स्थानिय लोग अवैद्ध रुप से कोयला का खन्न कर रहे हैं| कभी कभी तो यह सब, continue reading »
आज बहुत दिनो बाद समय निकाल पाया, देव वानी मुद्रित करने के लिए| दिवाली “दिपावली” पर्व के कारण और मैं अपना वैब आफिस सैटअप कर रहा था | ईस बार अखबारॉं ने छापा कि ईस बार की दिवाली, पिछले साल के मुकाबले शांत और सवच्छ रही| साथ ही अंग्रेजी के अखबार ने खबर छापी कि ईस दिवाली की रात १२५ पठाकों की दुर्घटनाएं हुई| दोनो समाचारों की विरोधाभास वाली खबरें पढ कर हंसी भी continue reading »
बहुत दिनो के बाद समय निकाल पाया ईस लेख के लिये| अभी भी कल की “कल्कि” खबर दिमाग में घूम रही है| शायद आपने भी सुनी होगी कि कुछ विग्यानिक फ्रांस और सविटज़र (स्विटज़ृलैंड) के पास के ईलाके जीनीवा में १०० फुट नीचे ज़मीन के अन्दर एक बडा ही संवेदनशील प्रयोग करने जा रहे हैं| कुछ विग्यानी तो ईस प्रयोग को ईतना भयंकर बता रहे है कि continue reading »
नव वर्ष २०६५ (2065) की आप सबको बधाई हो|
भारत विश्व से ५७ (57) वर्ष आगे है|
अनमोल वचन
जीवन का सच्चा सदुपयोग ही जीवन का महामंत्र है…….. आदर्श चिंतन श्रेष्ठ है तो आदर्श कर्म श्रेष्ठ्तम|
साधनात्मक पुरुषार्थ थोडा सा ही क्यों ना हो हज़ार बडी-बडी बातों से ज्यादा उत्तम है…. बातों से भावनायें जाग सकती है, किन्तु उस सिद्धान्त की अनुभूति के लिये यदि आवश्यक पुरुषार्थ नही किया गया तो समझो समय ओर भावना बेकार नष्ट हुई|