यदि आपने येह् ब्लाग पढा और आपको ईस ब्लाग में व्याप्त आधियात्मिक शक्ति का आभास भी हुआ, तो आपने दोस्तों को अवश्य बतलाऐं। अपने दोस्तों और साथीयों को बताने के लिए यहां कल्कि करें। क्योंकि ग्यान को अपने तक सिमित रखना भी एक अपराध है।
DONATE to ShaadiWala Fundraising Campaign
(SAFE AND SECURE CREDIT CARD PAYMENT via PAYPAL.com)
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उनहे भारत रत्न मिलना चाहिए| मैं तो कहिता हूं कि तेंदुलकर अपनी बात को ठीक से व्यक्त नही कर पाया| उसे तो पूर्ण कंण्ठबल से स्वरघोष करना चाहिए था कि “यदि मुझे भारत रत्न ना दिया गया तो ईसका ईंज़ाम अच्छा नही होगा| एम० एफ० हुसैन ने तो कतर की नागरिकता ही ली है, मुझे भारत रत्न ना दिया गया, तो मैं continue reading »
चुनाव उपरांत राजनितिक सरगरमीयां जोरों पर है|जो राहुल गांधी चउनाव से पहिले कह रहे थे कि वो प्रधानमंत्री नही बनेगे ….. अब धक्के से उप-प्रधानमंत्री नही तो कैबिनेट मंत्री तो बन ही जाएंगे| हां अगर मनमोहन सिंघ जी के डाक्टर ने आराम करने की सलाह वाला न्युज़ बुलेटिन जारी कर दिया तो प्रधानमंत्री पद भी कहीं नही गया| चलिये देखते है क्या होता है?
भारतीय लोकतंत्र लगता तो बहुत ही सफल और जन-जन को सता का सुत्रधार बनाने वाला| पर असल में कब और किस घडी क्मंप्युटर का जिन उनहें पपू बना कर होशियार होने का तम्गा माथे पर चिपका दे, ये बस देखने की ही बात है| २००९ के आम चुनाव की गनना कितनी भरोसेमंद है ईसका तो पता चिदंबरमं के चुनाव परिणाम से ही लग जाता है| भाजपा वाले तो बेचारे ईतने डर गये कि मोदी कह रहे है कि वे कभी प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदार नही थे| तो भईऍ ये सुनो…… continue reading »
“धरती फट गईल बा और आग और धुआं निकलने लग गईल|” यह खबर थी महुआ टीवी चैनल पर| खबर थी कि पश्चमी बंगाल राज्य में कई देहाती ईलाकों में दहशत का माहोल है| कई जगह धरती में बडी बडी द्रारें पढ गई हैं और उस में से आग और धुआं निकल रहा है| साथ ही पत्रकार ने बताया कि ईसका मूल कारण ईलाके में चल रही अवैद्ध खन्न है| स्थानिय लोग अवैद्ध रुप से कोयला का खन्न कर रहे हैं| कभी कभी तो यह सब, continue reading »
अप्रैल फूल का दिन मूर्खों का दिन क्यों कहा जाता है? ज्यादतर लोग तो यह जानते ही नही बस भेड चाल में मस्त हैं और भारतीय मुर्खता का प्रदर्शन करने में कोई कसर भी नही छोडते | पहले दर्जे का अधिकार मैं स्वयं को नवाजता हूं बाकी तो महान पुरुष हैं| शीर्षासन कर धरती का भोझ उठाना मेरी महानता में शामिल है| continue reading »