Archive for February, 2008
ईसाई - संत वेलेन्टाईन ने कहा “हमें सभी मनुष्यों से प्यार करना चाहिऐ” | जो आज सिर्फ़ एक दिन की आशकी वेल्म्टाईन-डे में पर्वर्तित हो गया है। वेलेन्टाईन-डे का अस्तित्व ही धुमिल हो गया है। हिन्दु सस्क्रिति में कभी भी युवा प्रेम सम्बन्धों का विरोध नही किया गया पर आज के भारतिय समाज में ना तो समाजिक व्यवस्था ही continue reading »
February 17 2008 | जीवन and समाज | No Comments »
जी हां ! ईन्टरनेट कलिकामाः का साम्राज्य है| और याहां आप उससे बच नही सकते| कलिकामाः कोन है? जी कलिकामाः है, कलियुग में व्याप्त काम वासनाऔं का असुर|चाहे आप किसी भी आयु, लिंग, जाति और धर्म से सम्बन्षित हैं यदि आपने ईन्टरनेट सर्फ continue reading »
February 14 2008 | जीवन and मेरी अपनी and समाज | No Comments »
Feb 12, 02:10 am
इलाहाबाद। विश्व भर में वेद व वैदिक परंपराओं में छिपी वैज्ञानिकता का परचम लहराने वाले विश्व गुरु महर्षि महेश योगी सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गये। पांच फरवरी को फ्लोड्राप नीदरलैंड में अंतिम सांस लेने वाले महर्षि का बसंत पंचम के दिन continue reading »
February 11 2008 | समाचार | No Comments »
यहां पर मैं अपनी कविता “दर्पण” का कुछ भाग ही मुद्रित कर रहा हूं|
चेहरे तो नकाबपोश होते हैं , continue reading »
February 11 2008 | कविताऍं and मेरी अपनी | No Comments »
ईन्द्र्लोक, वसन्त मास पश्चिम देशा तिथी १० फरवरी, सन २००८
माराठी मानसों ने जन्मा क्षेत्रीयवादता का राक्षस |देवता भी डर गये हिन्दुऑ में पनपते क्षेत्रीयवादता के राक्षस से | अब देवतागण ईक्त्र होकर सभा करने में जुटे हैं कि जिस प्रकार देव पुत्र निजी स्वार्थो के चलते क्षेत्रीयवादता के राक्षस को जन्म देकर उसका लालन-पालन करने में जुटे है तो वह स्मय आगया है कि देवताऑ को अपने अपने प्राण continue reading »
February 10 2008 | आस्था and जीवन and धरती and मेरी अपनी and समाचार and समाज | 1 Comment »
माया का आमन्त्रण
हां भई माया आमन्त्रण देती है ऑर मैं चल देता हूं उसके पीछे - पीछे| ये माया कोन है भई? अरे क्या बात कर रहे हो माया को नही जानते| नही नही मैं कामवाली बाई की बात नही कर रहा हूं, ये बात अलग है कि माया कामवाली बाई है मेरे यहां| वाकई वो बहुत कर्मठ है| शायद पेट की भूख ईन्सां को continue reading »
February 09 2008 | आस्था and जीवन and मेरी अपनी | No Comments »
February 08 2008 | आस्था and मेरी अपनी | Enter your password to view comments
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