गाय हमारी माता है तो बैल… भाग २
गाय हमारी माता है तो बैल… भाग २
आज बहुत दिनो बाद समय निकाल पाया, देव वानी मुद्रित करने के लिए| दिवाली “दिपावली” पर्व के कारण और मैं अपना वैब आफिस सैटअप कर रहा था | ईस बार अखबारॉं ने छापा कि ईस बार की दिवाली, पिछले साल के मुकाबले शांत और सवच्छ रही| साथ ही अंग्रेजी के अखबार ने खबर छापी कि ईस दिवाली की रात १२५ पठाकों की दुर्घटनाएं हुई| दोनो समाचारों की विरोधाभास वाली खबरें पढ कर हंसी भी continue reading »
October 30 2008 | जीवन and समाचार and समाज | No Comments »


