“धरती फट गईल बा और आग और धुआं निकलने लग गईल|” यह खबर थी महुआ टीवी चैनल पर| खबर थी कि पश्चमी बंगाल राज्य में कई देहाती ईलाकों में दहशत का माहोल है| कई जगह धरती में बडी बडी द्रारें पढ गई हैं और उस में से आग और धुआं निकल रहा है| साथ ही पत्रकार ने बताया कि ईसका मूल कारण ईलाके में चल रही अवैद्ध खन्न है| स्थानिय लोग अवैद्ध रुप से कोयला का खन्न कर रहे हैं| कभी कभी तो यह सब, continue reading »
January 22 2009 | जीवन and धरती and भारत and समाचार and समाज and हंसी मजाक | No Comments »
गाय हमारी माता है तो बैल… भाग २
आज बहुत दिनो बाद समय निकाल पाया, देव वानी मुद्रित करने के लिए| दिवाली “दिपावली” पर्व के कारण और मैं अपना वैब आफिस सैटअप कर रहा था | ईस बार अखबारॉं ने छापा कि ईस बार की दिवाली, पिछले साल के मुकाबले शांत और सवच्छ रही| साथ ही अंग्रेजी के अखबार ने खबर छापी कि ईस दिवाली की रात १२५ पठाकों की दुर्घटनाएं हुई| दोनो समाचारों की विरोधाभास वाली खबरें पढ कर हंसी भी continue reading »
October 30 2008 | जीवन and समाचार and समाज | No Comments »
गाय हमारी माता है तो बैल..? अल्पविराम, ये सुनो…
भाग - २ (Part 2)
CERN Geneva - World’s Biggest Atom Shmasher Experiment
http://Guardian.co.uk/NEWS/blog/2008/sep/07/1
बहुत दिनो के बाद समय निकाल पाया ईस लेख के लिये| अभी भी कल की “कल्कि” खबर दिमाग में घूम रही है| शायद आपने भी सुनी होगी कि कुछ विग्यानिक फ्रांस और सविटज़र (स्विटज़ृलैंड) के पास के ईलाके जीनीवा में १०० फुट नीचे ज़मीन के अन्दर एक बडा ही संवेदनशील प्रयोग करने जा रहे हैं| कुछ विग्यानी तो ईस प्रयोग को ईतना भयंकर बता रहे है कि 
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September 08 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and धरती and भारत and समाचार and समाज | No Comments »
भाग - १ (Part 1)
एक बच्चे का प्रश्न भी है कि गाय हमारी माता है तो बैल हमारा पिता क्यों नही कहा जाता?
जिस पर बडे बडे स्तब्ध रह जाते हैं|
बात यह है कि हमारे घर में ग्रह-निर्माण का कार्य चल रहा था| और continue reading »
August 22 2008 | अनमोल वचन and आस्था and जीवन and भारत and मेरी अपनी and समाज | No Comments »
जय श्री क्रिष्णा!
लो, मैं आ गया। जी हाँ! कुछ लोग मेरे प्रतिउत्तर की प्रतीक्षा कर रहे थे! राम सेतु पर सेतुसमुद्रम, मुरारीबापु, प्रिहास करना, गुजरात तथा बैंगलोरु में आतंकवाद का सफ़ल होना, continue reading »
July 29 2008 | आस्था and जीवन and धरती and भारत and मेरी अपनी and समाज | No Comments »
जय बोलो श्रीनाथ की !!
मन ने प्रभु की स्तुति की और वह कविता का रूप ले कर अक्षरों में गड़ गई| यदि आप लोगों में कोई माँ सरस्वती की कृपा से गायक हो तो आप इस सतुति को सुरों से आलंकृत कर सकते हैं| continue reading »
July 13 2008 | अनमोल वचन and आस्था and कविताऍं and मेरी अपनी | No Comments »
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