शिव ही सत्य है और तीसरा नेत्र ही छटी इन्द्रिय का मूल स्थान है
“शिव ही सत्य है और तीसरा नेत्र ही छटी इन्द्रिय का मूल स्थान है,जो आत्म सवरूप है, वो ही सत्यसवरूप है, जो माया बद्ध है वो ही दीन हीन होकर जीता है,कर्म और तद्पश्चात फल का चक्र सभी मानस जीवों Continue reading शिव ही सत्य है और तीसरा नेत्र ही छटी इन्द्रिय का मूल स्थान है

